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Motivational Short Story

धन से बढकर मेहनत की सफलता


धन से बढकर मेहनत की सफलता






Mehnat Se Safalta ki Kahani Hindi Me

एक गरीब व्यक्ति था वह बहुत ही परेशान रहता था घर की तमाम उलझने से वह अक्सर चिंतित रहता था वह दिन रात बस यही किसी तरह उसकी गरीबी खत्म होजाए तो उसके सभी दुःख दूर हो जाये
एक दिन वह अपने खेतो पर जा रहा था की की उसके गाव वालो ने ने बताया की पास की नदी के पास एक महात्मा जी ठहरे है वह बहुत ही ज्ञानी है अगर वह उनके पास जाकर उनके दर्शन कर ले और अपनी समस्याए बताये तो उसके दुःख दूर हो सकते है
ये सब बाते सुनकर उस गरीब व्यक्ति की आखो में चमक आ गयी अब वह बिना समय गवाए उस महात्मा से मिलने नदी की तरफ चल दिया
और थोड़ी देर में वह नदी के पास महात्मा की कुटी के पास पहुच गया और फिर महात्मा जी के दर्शन का इन्तजार करने लगा
थोड़ी देर में महात्मा जी कुटी से बाहर निकले तो उस व्यक्ति पर नजर पड़ी तो तुरंत महात्मा जी उसके पास गये और उनके पास आने का कारण पूछा तो वह व्यक्ति तुरंत अपनी गरीबी और दुःख के हालत बता दिया
तो उसकी बातो को सुनकर महात्मा जी बोले देखो मै तुम्हे तीन ऐसी चीज दे रहा हु जो तुम्हे सारे दुखो से छुटकारा दिला सकती है
इसके बाद महात्मा जी ने अपने पास से तीन गठरी निकाली और बोले इन तीनो में से किसी एक को अपने पास रखने को मिलेगा

तो उस व्यक्ति ने हां कर दिया तो महात्मा जी ने उसे तीन गठरिया दी, तीनो गठरियो के उपर अलग अलग नाम लिखे थे पहले वाली पर धन दुसरे पर पर अवसर और तीसरे पर मेहनत लिखा था
तो वह व्यक्ति इन नामो को पढ़कर थोडा आश्चर्यचकित हुआ और फिर महात्मा जी से इन नामो के बारे में पूछा तो महात्मा जी बोला पहले तुम किसी एक गठरी को तुम ले लो फिर मै इसके बारे में बताऊंगा
अब वह व्यक्ति बड़ा ही असमंजस की स्थिति में था और फिर इन नामो पर विचार करने लगा तो उसे धन वाली गठरी में धन होने का अहसास हुआ तो सोचा की जब ये मेरे पास होंगी तो मेरे सारे दुःख दूर हो जायेगे और फिर भला मुझे अवसर की क्या जरूरत है और जब धन रहेगा तो फिर मुझे मेहनत करने की जरूरत भी नही रहेगी
यही सब सोचकर उसने धन वाली गठरी अपने पास रख लिया और बाकी दोनों गठरी वापस कर दिया


और फिर महात्मा जी से इन गठरियो के बारे में पूछा तो महात्मा जी ने बताया देखो तुम गरीब हो ये तुम खुद से मानते हो इसलिए तुमने धन के बारे में सोचकर ही तुमने धन वाली गठरी उठाया और ऐसा हर मानव का स्वाभाव भी है क्यू की उसे लगता है की अगर धन हो तो सबकुछ Achhe में परिवर्तित कर सकता है लेकिन धन जुटाने के चक्कर में मानव अपनी जिन्दगी के अनमोल अवसरों को भी गवा देता है
और यदि तुम सिर्फ अवसर की तलाश में रहोगे तो फिर कभी भी मेहनत करना नही चाहोगे और हमेसा यही सोचते रहोगे की कब मेरा Achha समय आएगा और कब मै अमीर व्यक्ति बन पाउँगा और ऐसा सोचते हुए भी जिन्दगी के अनमोल पलो को युही नष्ट कर लेते हो और ये जिन्दगी हम सभी को एक बार ही मिलती है
और तुम मेहनत पर विश्वास करते तो अपने बुरे से बुरे अवसर को भी Achhe समय में परिवर्तित कर सकते हो और मेहनत के बल पर अधिक से अधिक धन कमा सकते हो जो मेहनत से कमाया हुआ धन हमे सुख और सुकून भी देता है और मेहनत से कमाए गये धन का सही से उपयोग भी कर सकते हो


इसलिए अब तुम बताओ की कौन सी गठरी लेना पसंद करोगे तो वह व्यक्ति तुरंत महात्मा जी के चरणों में गिर पड़ा और बोला महात्मा जी मुझे माफ़ करे मै अज्ञानी व्यक्ति जो सिर्फ रात दिन धन पाने के बारे में ही सोचता रहा लेकिन आपने मेरी आखे खोल दी अब मुझे समझ में आ गया की अगर मै जितना दिन बस सोचा अगर उतना दिन मेहनत करता तो शायद आज मै अपने दुखो को लेकर परेशान नही रहता और न ही लोगो से अपने दुखो के बारे में कहता फिरता
और मुझे अब पता चल गया है की अगर मै मेहनत करूँगा तो जिन्दगी के तमाम सुख पा सकता हु और अपने हर बुरे समय को Achhe समय में बदल सकता हु
इसके बाद वह व्यक्ति महात्मा जी को प्रणाम करके उनका आशीर्वाद लेकर अपने घर आ गया और फिर उसने अपने खेतो में खूब मेहनत करना शुरू किया और फिर उस बार उसके खेतो में खूब Achhi फसल हुआ और उसके खराब दिन Achhe दिन में बदल गये और फिर वह हमेसा मेहनत करने में विश्वास करने लगा
तो दोस्तों हर सुख या सफलता के पीछे सिर्फ और सिर्फ मेहनत का नतीजा होता है और जो लोग मेहनती होते है वे अपने हर दुःख और विपरीत परिस्थितियों को अपने Achhe समय में बदल लेते है और फिर मेहनत पर मिली हुई सफलताये उनके जिन्दगी को सफल बना देती है
इसलिए जो मेहनती होते है वे कभी भी अपने को या खुद को कमजोर मानकर उनको Achha अवसर न मिला कभी नही कोसते है


इसलिए यदि हमे अपनी Life में Success होना है तो हमे मेहनत पर विश्वास करना चाहिए और और मन से की गयी मेहनत कभी बेकार नही जाती है और Mehnat Ka Phal हमेसा मीठा होता है 
शिक्षा – मेहनत के बल पर बुरे से बुरे परिस्थितियों को अच्छे और सुख देने वाले समय में बदला जा सकता है
तो आप सबको ये प्रेरित करने वाली Hindi Kahani कैसा लगा कृपया Comment Box में जरुर बताये आपके प्रतिक्रिया का हमे इन्तजार रहेगा


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Motivational Hindi Story क्या आपने कभी सोचा कल क्या होगा


Motivational Hindi Story क्या आपने कभी सोचा कल क्या होगा




दोस्तों कही आप अपने आज चल रहे अच्छे समय को देखकर निश्चित तो नहीं हो गये की कल सब कुछ अच्छा होगा। अपने आप से पूछिए की क्या आपने कभी सोचा की कल क्या होगा। क्योकि अच्छा समय हमेशा नहीं रहता। यह जिंदगी के उतार – चढ़ाव का बस एक हिस्सा है। जो आज है। शायद कल न हो। इसी बात को समझाने के लिए मैं आपको एक Motivational Hindi Story सुनाता हूँ। Motivational Hindi Story क्या आपने कभी सोचा कल क्या होगा




एक बार की बात है। एक कौआ भोजन की तलाश में इधर – उधर भटक रहा था। अचानक उसने नदी में बहती हुई हाथी की लाश को देखा। वह बहुत खुश हुआ और जाकर उसके ऊपर बैठ गया। उसने पेट भरकर मांस खाया और प्यास लगने पर नदी का पानी पीया।
Morning Motivation मैंने वो किया जो किसी ने नहीं किया
वह उस लाश के चारो तरफ गुमा और सोचने लगा की अगर मुझे यहाँ भोजन के साथ साथ जल भी मिल रहा है। तो मैं इसे छोड़कर इधर – उधर क्यों भटकता फिरू इसलिए उसने नदी में बहती हुई उसी लाश पर रहना शुरू कर दिया। भूख लगने पर वह लाश के माँस को खाता और प्यास लगने पर नदी का पानी पी लेता।

उसके बाद आराम से प्रकृति की सुंदरता को निहारता आखिर वो दिन आ ही गया। जब उसका यह अच्छा समय बुरे समय में बदलने वाला था, क्योकि नदी अब महासागर में मिल चुकी थी। उस दिन लक्ष्य हीन कौवे के सामने बहुत बड़ी समस्या आ गयी, क्योकि कुछ दिनों के सुख ने उसे ऐसी जगह ला पटका। जहाँ दूर – दूर तक उसके लिए भोजन नहीं था। पीने के लिए अच्छा पानी नहीं था।





उस कौवे का भूख और प्यास से बुरा हाल हो गया था। वह कुछ दिनों तक चारो दिशाओ में भटका लेकिन उसे न तो भोजन मिला और न पीने के लिए अच्छा पानी और न ही उस महासागर में उसे कोई किनारा नजर आया। कुछ दिनों बाद उसके पंखो ने जवाब दे दिया और वह डगमगाते हुए। उसी महासागर में गिर गया और मर गया।
दोस्तों इस Motivational Hindi Story से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ की अच्छा समय हमेशा नहीं रहता। अपने आज को ख़ुशी से जीना बहुत अच्छी बात है। लेकिन अपने कल के लिए पहले से ही तैयार रहना एक समझदारी है। इसलिए अभी चल रहे समय को ख़ुशी से जीते हुए अपने आने वाले कल के बारे में सोचना शुरू करो, क्योकि आने वाला कल अच्छा भी हो सकता है और बुरा भी। इसका फैसला इस बात से होगा की आज आपने क्या निर्णय लिया। Motivational Hindi Story क्या आपने कभी सोचा कल क्या होगा







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एक बाल्टी दूध Short Hindi Story With Moral



एक बाल्टी दूध Short Hindi Story With Moral




एक बार एक राजा के राज्य में महामारी फैल गयी। चारो ओर लोग मरने लगे। राजा ने इसे रोकने के लिये बहुत सारे उपाय करवाये मगर कुछ असर न हुआ और लोग मरते रहे। दुखी राजा ईश्वर से प्रार्थना करने लगा। तभी अचानक आकाशवाणी हुई। आसमान से आवाज़ आयी कि हे राजा तुम्हारी राजधानी के बीचो बीच जो पुराना सूखा कुंआ है अगर अमावस्या की रात को राज्य के प्रत्येक घर से एक – एक बाल्टी दूध उस कुएं में डाला जाये तो अगली ही सुबह ये महामारी समाप्त हो जायेगी और लोगों का मरना बन्द हो जायेगा। राजा ने तुरन्त ही पूरे राज्य में यह घोषणा करवा दी कि महामारी से बचने के लिए अमावस्या की रात को हर घर से कुएं में एक-एक बाल्टी दूध डाला जाना अनिवार्य है ।



अमावस्या की रात जब लोगों को कुएं में दूध डालना था उसी रात राज्य में रहने वाली एक चालाक एवं कंजूस बुढ़िया ने सोंचा कि सारे लोग तो कुंए में दूध डालेंगे अगर मै अकेली एक बाल्टी पानी डाल दूं तो किसी को क्या पता चलेगा। इसी विचार से उस कंजूस बुढ़िया ने रात में चुपचाप एक बाल्टी पानी कुंए में डाल दिया। अगले दिन जब सुबह हुई तो लोग वैसे ही मर रहे थे। कुछ भी नहीं बदला था क्योंकि महामारी समाप्त नहीं हुयी थी। राजा ने जब कुंए के पास जाकर इसका कारण जानना चाहा तो उसने देखा कि सारा कुंआ पानी से भरा हुआ है। दूध की एक बूंद भी वहां नहीं थी। राजा समझ गया कि इसी कारण से महामारी दूर नहीं हुई और लोग अभी भी मर रहे हैं।





दरअसल ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि जो विचार उस बुढ़िया के मन में आया था वही विचार पूरे राज्य के लोगों के मन में आ गया और किसी ने भी कुंए में दूध नहीं डाला।
मित्रों , जैसा इस कहानी में हुआ वैसा ही हमारे जीवन में भी होता है। जब भी कोई ऐसा काम आता है जिसे बहुत सारे लोगों को मिल कर करना होता है तो अक्सर हम अपनी जिम्मेदारियों से यह सोच कर पीछे हट जाते हैं कि कोई न कोई तो कर ही देगा और हमारी इसी सोच की वजह से स्थितियां वैसी की वैसी बनी रहती हैं। अगर हम दूसरों की परवाह किये बिना अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने लग जायें तो पूरे देश मेंबर ऐसा बदलाव ला सकते हैं जिसकी आज हमें ज़रूरत है


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मन को शांति देते भगवान बुद्ध के 101 विचार Lord Buddha Quotes in Hindi


मन को शांति देते भगवान बुद्ध के 101 विचार Lord Buddha Quotes in Hindi







भगवान गौतम बुद्ध के अनमोल विचार

विश्व के प्रसिद्द धर्म सुधारकों एवं दार्शनिकों में अग्रणी महात्मा बुद्ध ने अपनी शिक्षाओं के आधार पर बौद्ध धर्म की स्थापना की. आज Buddhism विश्व के प्रमुख धर्मों में से एक है और चाइना, जापान, श्रीलंका समेत 10 से अधिक देशों में माना जाता है. आइये आज हम भगवान बुद्ध के अनमोल वचनों को जानते हैं और इन्हें पढ़कर शांति का अनुभव करते हैं.
Note: यदि समय कम हो तो सिर्फ blue-box में दिए गए कथनों को पढ़ें


नामGautama Buddha / गौतम बुद्ध
जन्म563 ई.पू. कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी वन में
महानिर्वाण483 ई.पू. कुशीनगर

Lord Gautama Buddha Thoughts in Hindi

भगवान बुद्ध के प्रेरक कथन

Quote 1: All that we are is the result of what we have thought. If a man speaks 
or acts with an evil thought, pain follows him. If a man speaks or acts with 

a pure thought, happiness follows him, like a shadow that never leaves him.

हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. यदि कोई व्यक्ति 
बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है, तो उसे कष्ट ही मिलता है. यदि कोई व्यक्ति शुद्ध
 विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी
 नहीं छोड़ती.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 2: Better than a thousand hollow words, is one word that brings peace.
हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाये.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 3: A jug fills drop by drop.
In Hindi: एक जग बूँद-बूँद कर के भरता है.

Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 4: Do not dwell in the past, do not dream of the future, concentrate the
 mind on the present moment.

In Hindi: अतीत पे ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पे 
केन्द्रित करो.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 5: Health is the greatest gift, contentment the greatest wealth, 
faithfulness the best relationship.
स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा संबंध है.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 6: Just as a candle cannot burn without fire, men cannot live without a 
spiritual life.
In Hindi: जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती, मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना
 नहीं जी सकता.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 7: Three things cannot be long hidden: the sun, the moon, and the truth.
तीन चीजें ज्यादा देर तक नहीं छुप सकतीं, सूर्य, चंद्रमा और सत्य.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 8: Work out your own salvation. Do not depend on others.
In Hindi: अपने मोक्ष के लिए खुद ही प्रयत्न करें. दूसरों पर निर्भर ना रहे.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 9: In a controversy the instant we feel anger we have already ceased 
striving for the truth, and have begun striving for ourselves
In Hindi: किसी विवाद में हम जैसे ही क्रोधित होते हैं हम सच का मार्ग छोड़ देते हैं, और 
अपने लिए 
प्रयास करने लगते हैं.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 10: An insincere and evil friend is more to be feared than a wild beast; a 
wild beast may wound your body, but an evil friend will wound your mind.
In Hindi: किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से अधिक डरना चाहिए,
 जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि
 को नुक्सान पहुंचा सकता है.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 11: Do not overrate what you have received, nor envy others. He who
 envies others does not obtain peace of mind.
In Hindi: आपके पास जो कुछ भी है है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों
 से ईर्ष्या कीजिये. जो दूसरों से ईर्ष्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 12: Hatred does not cease by hatred, but only by love; this is the eternal 
rule.
घृणा घृणा से नहीं प्रेम से ख़त्म होती है, यह शाश्वत सत्य है.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 13: He who loves 50 people has 50 woes; he who loves no one has no
 woes.
In Hindi: वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है उसके पचास संकट हैं, वो जो किसी से प्रेम नहीं 
करता उसके एक भी संकट नहीं है.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
Quote 14: Holding on to anger is like grasping a hot coal with the intent 
of throwing it at someone else; you are the one who gets burned.
क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के 
सामान है; इसमें आप ही जलते हैं.
Lord Buddha भगवान बुद्ध
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Quote 15: I never see what has been done; I only see what remains to be done.
मैं कभी नहीं देखता कि क्या किया जा चुका है; मैं हमेशा देखता हूँ कि क्या किया जाना बाकी है.


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अछूत व्यक्ति Story on Untouchability in Hindi


अछूत व्यक्ति Story on Untouchability in Hindi



एक दिन गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ एकदम शांत बैठे हुए थे। उन्हें इस प्रकार बैठे हुए देख उनके शिष्य चिंतित हुए कि कहीं वे अस्वस्थ तो नहीं हैं।





क शिष्य ने उनसे पूछा  कि आज वह मौन क्यों बैठे हैं। क्या शिष्यों से कोई गलती हो गई है ? इसी बीच एक अन्य शिष्य ने पूछा कि क्या वह अस्वस्थ हैं ? पर बुद्ध मौन रहे।



तभी कुछ दूर खड़ा व्यक्ति जोर से चिल्लाया, “आज मुझे सभा में बैठने की अनुमति क्यों नहीं दी गई है ?”


बुद्ध आँखें बंद करके ध्यान मग्न हो गए।
वह व्यक्ति फिर से चिल्लाया,” मुझे प्रवेश की अनुमति क्यों नहीं मिली ?”
इस बीच एक उदार शिष्य ने उसका पक्ष लेते हुए कहा कि उसे सभा में आने की अनुमति प्रदान की जाये। बुद्ध ने आखें खोली और बोले, “नहीं वह अछूत है, उसे आज्ञा नहीं दी जा सकती। यह सुन शिष्यों को बड़ा आश्चर्य हुआ।”




द्ध उनके मन का भाव समझ गए और बोले,” हाँ वह अछूत है। इस पर कई शिष्य बोले कि- हमारे धर्म में तो जात-पांत का कोई भेद ही नहीं, फिर वह अछूत कैसे हो गया ?
तब बुद्ध ने समझाया, “आज वह क्रोधित हो कर आया है। क्रोध से जीवन की एकाग्रता भंग होती है। क्रोधी व्यक्ति प्रायः मानसिक हिंसा कर बैठता है। इसलिए वह जबतक क्रोध में रहता है तब तक अछूत होता है। इसलिए उसे कुछ समय एकांत में ही खड़े रहना चाहिए।”
क्रोधित शिष्य भी बुद्ध की बातें सुन रहा था,  पश्चाताप की अग्नि  में तपकर वह समझ चुका था की अहिंसा ही महान कर्तव्य व परम धर्म है।
वह बुद्ध के चरणों में गिर पड़ा और कभी क्रोध न करने की शपथ ली।
आशय यह कि क्रोध के कारण व्यक्ति अनर्थ कर बैठता है और बाद में उसे पश्चाताप होता है। इसलिए हमें क्रोध नहीं करना चाहिए। असल मायने में क्रोधित व्यक्ति अछूत हो जाता है और उसे अकेला ही छोड़ देना चाहिए। क्रोध करने से तन, मन, धन तीनों की हानि होती है। क्रोध से ज्यादा हानिकारक कोई और वस्तु नहीं है। बुद्ध ने कहा भी है–
क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े  रहने के समान है; इसमें आप ही जलते हैं।


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स्वर्ग का मार्ग Heaven and Hell Story in Hindi


स्वर्ग का मार्ग Heaven and Hell Story in Hindi




महात्मा बुद्ध के समय की बात है। उन दिनों मृत्यु के पश्चात आत्मा को स्वर्ग में प्रवेश कराने के लिए कुछ विशेष कर्मकांड कराये जाते थे। होता ये था कि एक घड़े में कुछ छोटे-छोटे पत्थर डाल दिए जाते और पूजा-हवन इत्यादि करने के बाद उस पर किसी धातु से चोट की जाती, अगर घड़ा फूट जाता और पत्थर निकल जाते तो उसे इस बात का संकेत समझा जाता कि आत्मा अपने पाप से मुक्त हो गयी है और उसे स्वर्ग में स्थान मिल गया है।

चूँकि घड़ा मिटटी का होता था इसलिए इस प्रक्रिया में हमेशा ही घड़ा फूट जाता और आत्मा स्वर्ग को प्राप्त हो जाती और ऐसा कराने के बदले में पंडित खूब दान-दक्षिणा लेते]



अपने पिता की मृत्यु के बाद एक युवक ने सोचा क्यों न आत्मा-शुद्धि के लिए महात्मा बुद्ध की मदद ली जाए, वे अवश्य ही आत्मा को स्वर्ग दिलाने का कोई और बेहतर और निश्चित रास्ता जानते होंगे। इसी सोच के साथ वो महात्मा बुद्ध के समक्ष पहुंचा।
“हे महात्मन! मेरे पिता जी नहीं रहे, कृपया आप कोई ऐसा उपाय बताएं कि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी आत्मा को स्वर्ग में ही स्थान मिले।”,  युवक बोला।
बुद्ध बोले, “ठीक है, जैसा मैं कहता हूँ वैसा करना…तुम उन पंडितों से दो घड़े लेकर आना। एक में पत्थर और दूसरे में घी भर देना। दोनों घड़ों को नदी पर लेकर जाना और उन्हें इतना डुबोना कि बस उनका उपारी भाग ही दिखे। उसके बाद पंडितों ने जो मन्त्र तुम्हे सिखाये हैं उन्हें जोर-जोर से बोलना और अंत में धातु से बनी हथौड़ी से उनपर नीचे से चोट करना। और ये सब करने के बाद मुझे बताना कि क्या देखा?”


युवक बहुत खुश था उसे लगा कि बुद्ध द्वारा बताई गयी इस प्रक्रिया से निश्चित ही उसके पिता के सब पाप काट जायेंगे और उनकी आत्मा को स्वर्ग की प्राप्ति होगी।
अगले दिन युवक ने ठीक वैसा ही किया और सब करने के बाद वह बुद्ध के समक्ष उपस्थित हुआ।

“आओ पुत्र, बताओ तुमने क्या देखा?”, बुद्ध ने पूछा।
युवक बोला, “ मैंने आपके कहे अनुसार पत्थर और घी से भरे घड़ों को पानी में डाल कर चोट की। जैसे ही मैंने पत्थर वाले घड़े पर प्रहार किया घड़ा टूट गया और पत्थर पानी में डूब गए। उसके बाद मैंने घी वाले घड़े पर वार किया, वह घड़ा भी तत्काल फूट गया और घी नदी के बहाव की दिशा में बहने लगा। ”


बुद्ध बोले, “ठीक है ! अब जाओ और उन पंडितों से कहो कि कोई ऐसी पूजा, यज्ञ, इत्यादि करें कि वे पत्थर पानी के ऊपर तैरने लगें और घी नदी की सतह पर जाकर बैठ जाए। ”
युवक हैरान होते हुए बोला, “ आप कैसी बात करते हैं? पंडित चाहे कितनी भी पूजा करे लें पत्थर कभी पानी पे नहीं तैर सकता और घी कभी नदी की सतह पर जाकर नहीं बैठ सकता!”
बुद्ध बोले “ बिलकुल सही, और ठीक ऐसा ही तुम्हारे पिताजी के साथ है। उन्होंने अपने जीवन में जो भी अच्छे कर्म किये हैं वो उन्हें स्वर्ग की तरफ उठाएंगे और जो भी बुरे कर्म किये हैं वे उन्हें नरक की और खीचेंगे। और तुम चाहे जितनी भी पूजा करा लो, कर्मकाण्ड करा लो… तुम उनके कर्मफल को रत्ती भर भी नहीं बदल सकते। ”
युवक बुद्ध की बात समझ चुका था कि मृत्यु के पश्चात स्वर्ग जाने का सिर्फ एक ही मार्ग है और वो है जीवित रहते हुए अच्छे कर्म करना।







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Opportunity Story In Hindi | आखिरी मौका


Opportunity Story In Hindi | आखिरी मौका




दोस्तों जिंदगी में असफलता आती जाती रहती है। कुछ लोग असफलता से टूट जाते है और कोशिश करना बंद कर देते है। साथ ही साथ अपनी जिंदगी और सपनो से समझौता कर लेते है। मैं तो आपसे यह कहूँगा – आखिरी मौका भी आपकी किस्मत के दरवाजे खोल सकता है। यही बात समझाने के लिए मैं आपको एक कहानी सुनता हूँ। Opportunity Story in Hindi | आखिरी मौका

एक बार की बात है। दो राजाओ में भयंकर युद्ध हुआ। विजयी राजा ने हारे हुए राजा के सभी मंत्रियों को एक कमरे में बंद कर दिया। उस कमरे में १०० दरवाजे थे।


कुछ ही समय बाद एक दरवाजा खुला और एक मंत्री अंदर आया। उसने सभी से कहा – अगर ज़िंदा रहना चाहते हो तो हमारे राजा की गुलामी स्वीकार कर लो। मैं तुम सब को सोचने के लिए कल तक का समय देता हूँ।


मैं कल फिर आऊँगा। इतना कहकर वह मंत्री चला गया और दरवाजा फिर से बंद हो गया। उस कमरे में कैद मंत्रियों में से एक बुद्धिमान मंत्री बोला – निराश मत होइये, गहरे अन्धकार में भी रौशनी की एक किरण आवश्य होती है।
हम सभी को एक – एक दरवाजे को खोलने की कोशिश करनी चाहिए। सभी ने कहा – दरवाजे पर बड़े – बड़े ताले लगे हुए है। इनमे से कोई भी दरवाजा नहीं खुलेगा। यह सुनकर वह मंत्री बोला – हमे एक बार जरूर कोशिश करनी चाहिए।
सभी लोग एक – एक दरवाजे को खोलकर देखने लगे। मगर सभी पर बड़े – बड़े ताले होने के कारण। दरवाजे नहीं खुल रहे थे। कुछ ही समय बाद सभी तक हारकर बैठ गए लेकिन मंत्री दरवाजे खोलकर देखने में लगा रहा।



वह जब थक जाता कुछ समय के लिए आराम करता और फिर से दरवाजे खोलने में लग जाता। सभी लोग उसे बार – बार कह रहे थे की तुम अपना समय बर्बाद कर रहे हो। इनमे से कोई भी दरवाजा नहीं खुलेगा।
उस मंत्री ने किसी की भी नहीं सुनी और वह दरवाजे को खोलने में लगा रहा। जब सोवे दरवाजे का नंबर आया। मंत्री के उस दरवाजे को धक्का मारते ही कुछ हलचल हुई और कुछ ही प्रयास में वह दरवाजा खुल गया।
इसके बाद वह मंत्री, राजा और बाकी लोगो को लेकर वहाँ से निकल गया।


दोस्तों इस कहानी से मैं आपको यह समझाना चाहता हूँ की मुशिबत के समय सभी दरवाजे बंद नहीं होते। बस जरुरत है तो धैर्य की और आगे बढ़ते रहने की इसलिए मैं कहता हूँ। आखिरी मौका भी आपकी किस्मत के दरवाजे खोल सकता है। Opportunity Story in Hindi | आखिरी मौका




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