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Motivational Short Story

Very Short Stories With Morals | आज तुम्हें मौका मिला है



Very Short Stories With Morals | आज तुम्हें मौका मिला है




दोस्तों समय हमेशा एक सा नहीं रहता। यह बदलता रहता है। अगर आज तुम्हे मौका मिला है, कल उसे भी मिलेगा, इसलिए अपने अच्छे समय में किसी के साथ बुरा मत करो क्योकि समय बदलेगा और कल उसका होगा। यही बात आपको अच्छे तरिके से समझाने के लिए मैं आपको एक very short stories with morals सुनाता हूँ। Very Short Stories with Morals | आज तुम्हें मौका मिला है




एक बार की बात है। एक बुजुर्ग व्यक्ति सुबह – सुबह पार्क में घूमने गये। उन्होंने देखा वहाँ पर कुछ बच्चे खेल रहे थे। खेल कुछ इस तरह था। बच्चो के हाथ में कपड़े की एक गेंद थी। उस गेंद को हवा में उछाला जाता था।
जो भी बच्चा उस गेंद को पकड़ता था। वह अपने नजदीक खड़े लड़के को उस गेंद से मारता था। वह बुजुर्ग व्यक्ति बच्चो को इस खेल को खेलते हुए देख रहा था।



अचानक उन्होंने देखा – गेंद हाथ में आने से पहले ही बच्चे सोच लेते थे की हमें गेंद किसे मारनी है। अगर वह लड़का दूर भी खड़ा होता था फिर भी गेंद उसे ही मारी जाती थी। खेल इसी तरह चल रहा था और वह बुजुर्ग व्यक्ति बच्चो को ऐसा करते हुए देख रहा था।
जब खेल ख़त्म हो गया उस बुजुर्ग व्यक्ति ने बच्चो को अपने पास बुलाया और कहा – तुम्हारे खेल और जिंदगी में कोई अंतर नहीं है।
जिस प्रकार आज तुम्हारे हाथ में गेंद है और तुम सोचते हो की यह गेंद तुम किसी को भी मार सकते हो। लेकिन कुछ ही समय बाद वक़्त बदल जाता है और यह गेंद उसे मिल जाती है। तुम अपने आप ही सोचो क्या वह तुम्हे छोड़ देगा।



अपने मजबूत समय में तुम जिस भी इंसान के साथ जैसा व्यहवार करते हो। जब उस इंसान का समय आता है। वह इंसान भी आपके साथ वैसा ही व्यहवार करता है इसलिए जब भी तुम किसी के साथ व्यहवार करते हो वो फिर चाहे अच्छा करो या फिर बुरा करो।
कैसा भी व्यहवार करने से पहले एक बार जरूर सोच लेना की अगर ऐसा ही व्यहवार आपके साथ किया जाए तो आपको कैसा लगेगा।

दोस्तों इस very short stories with morals से मैं आपको यही समझाना चाहता हूँ की हर इंसान का समय आता है। किसी के भी साथ बुरा करने से पहले यह जरूर सोच लेना की कल उसे भी मौका मिलेगा।
वह भी आपको नहीं छोड़ेगा। अगर आप सामने वाले से अच्छे व्यहवार की उम्मीद रखते है तो उसके लिए आपको भी सामने वाले के साथ अच्छा व्यहवार करना चाहिए। Very Short Stories with Morals | आज तुम्हें मौका मिला है



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New Moral Stories In Hindi | यह मौका बार – बार नहीं मिलता




New Moral Stories In Hindi | यह मौका बार – बार नहीं मिलता



दोस्तों जब भी हमें कुछ नया काम मिलता है या फिर कहि से भी हमें पैसे मिलते है। ऐसा होने पर हम तुरंत ही सपने देखना बंद कर देते है। हम सपनो में तरह – तरह की चीजे खरीदते है। सपनो का एक ऐसा महल बनाते है। जहाँ हम ऐसो आराम की जिंदगी जीते है। इस चककर में हम काम करना ही भूल जाते है। इसके बाद क्या होता है। यह समझाने के लिए मैं आपको एक New Moral Story सुनाता हूँ। New Moral Stories in Hindi | यह मौका बार – बार नहीं मिलता




एक बार की बात है। एक गरीब किसान एक जमीदार के पास गया और बोला – आप एक साल के लिए अपना एक खेत मुझे उधार दे दीजिये। मैं उस खेत में मेहनत करके अपने लिए अनाज उगाऊँगा। जमींदार एक दयालु व्यक्ति था। उसने उस किसान को एक खेत एक साल के लिए उधार दे दिया।

साथ ही साथ उस किसान की मदत के लिए उसने पाँच व्यक्ति भी दिए। वह किसान उन पाँच व्यक्तियों को लेकर घर आ गया और उस खेत में काम करने लगा। एक दिन उस किसान ने सोचा। जब पाँच लोग इस खेत में काम कर रहे है तो मैं क्यों करुँ।
वह किसान काम छोड़कर अपने घर वापस आ गया और मीठे – मीठे सपने देखने लगा। एक साल बाद मेरे खेत में आज ऊगेगा। उसे बेचने पाए मेरे पास बहुत से पैसे आयेंगे और उन पैसों से मैं बहुत कुछ खरीदूँगा।
उस किसान को जो पाँच व्यक्ति मिले थे। वे खेत में अपनी मर्जी से काम कर रहे थे। जब उनका मन करता था। वे खेत में पानी दे देते थे। जब मन करता था। वे खेत में खाद डाल देते थे। उस खेत में लगी फसल धीरे – धीरे बड़ी हो रही थी लेकिन वह किसान अपनी फसलों को देखने खेत में नहीं आया। वह बीएस हर रोज सपने देखता रहता था।

अब फसल काटने का समय आ चुका था। किसान अपने सपनो के साथ खेत में पहुँचा। फसल देखते ही वह चौंक गया क्योकि फसल अच्छी नहीं थी। उस फसल से उसे उतना पैसा भी नहीं मिल रहा था। जो उसने फसल उगाने में खर्च किया था।
एक साल पूरा हो चुका था। वह जमींदार किसान से अपना खेत लेने वापस आया। उस जमींदार को देखकर वह किसान रोने लगा और फिर से एक साल का वक़्त माँगने लगा। किसान की बात सुनकर जमींदार बोला – यह मौका बार – बार नहीं मिलता। यह कहकर वह जमींदार वहाँ से चला गया।
दोस्तों इस New Moral Story से मैं आपको यह समझाना चाहता हूँ की वह दयालु जमींदार भगवान था। वह गरीब किसान हम सभी व्यक्ति है। वह खेत हमारा शरीर है। पाँच व्यक्ति जी किसान की मदत के लिए दिए गए थे। वे हमारी पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ है। अब आप इन पाँच ज्ञानेन्द्रियों का इस्तेमाल किस तरिके से करते है। ये आप पर निर्भर है।

एक समय ऐसा भी आयेगा। जब भगवान् आपसे यह शरीर वापस माँगेंगे। उस समय वह आपसे पुछेंगे – मैंने तुम्हे पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ दी। मुझे बताओ तुमने इनका किस तरिके से इस्तेमाल किया। क्या आपको नहीं लगता की उस समय आपके पास एक अच्छा जवाब होना चाहिए। सिर्फ सपने मत देखिये उन्हें पूरा करते के लिए काम भी कीजिये। New Moral Stories in Hindi | यह मौका बार – बार नहीं मिलता



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New Moral Story In Hindi | बुरे समय में ऐसा करो



New Moral Story In Hindi | बुरे समय में ऐसा करो




दोस्तों समय – समय का खेल है। समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है और समय खराब हो तो मजाक भी गलती बन जाती है। बुरे समय में सबसे जरुरी है। साहस और हिम्मत इसी के डीएम पर बुरे समय में इंसान की परीक्षा होती है। यही बात अच्छे तरीके से समझाने के लिए मैं आपको एक Moral Story सुनाता हूँ। New Moral Story in Hindi | बुरे समय में ऐसा करो





एक बार जंगल में एक गधा मजे से घूम रहा था। अचानक वहाँ पर एक भेड़िया आया। उस गधे को देखकर वह मन ही मन सोचने लगा। अगर मैं इस गधे का शिकार कर लू तो मेरा दो से तीन दिन के खाने का काम चल जायेगा। वह गधे के पास जाकर बोला – अब तेरे जीने के दिन ख़त्म हो गए है।


यह सुनकर गधा घबरा जाता है। कहते है बुरा वक़्त सबका आता है, कोई निखर जाता है कोई बिखर जाता है। इस मुश्किल घड़ी में गधे ने साहस के साथ भेड़िये से कहा – मैं आपका ही इंतज़ार कर रहा था। कल रात मेरे सपने में भगवान ने आकर बताया था की कोई दयालु और बुद्धिमान जानवर कल तुम्हारा शिकार करेगा।

आपको देककर लगता है की आप ही वह दयालू और बुद्धिमान जानवर है। यह सुनकर भेड़िया बहुत ही खुश हो गया। इसके बाद गधे ने कहा – अगर आप मेरी आखिरी इच्छा पूरी कर देते तो मुझे बहुत ही ख़ुशी होती।


भेड़िया खुश था। उसने गधे से पूछा – बता तेरी आखिरी इच्छा क्या है। गधा बोला – मेरे पिछले पैर में एक छोटा सा पत्थर फस गया है। क्या आप उसे निकाल देंगे। भेड़िया बोला – यह तो बहुत ही छोटा सा काम है। मैं अभी कर देता हूँ।
पत्थर कहाँ है। यह बोलता हुआ, भेड़िया गधे के पीछे चला गया। जैसे ही वह गधे के पैर के पास गया। गधे ने पैर उठाकर उसको बहुत ही तेजी से लात मार दी। लात लगते ही भेड़िया बहुत ही दूर जाकर पड़ा। ऐसा करने से गधे को समय मिल गया और वह तेजी के साथ वहाँ से भाग गया।

बुरे समय में गधे ने साहस, हिम्मत और अपनी बुद्धि का परिचय देते हुए। अपनी जान बचा ली।
दोस्तों इस Moral Story से मैं आपको यह समझाना चाहता हूँ की बुरा समय जीवन की ऐसी चीजों से सामना करवाता है। जिनके बारे में आपने अच्छे समय में सपने में भी नहीं सोचा था। केवल साहस और हिम्मत ही ऐसी चीज है। जो आपके बुरे समय को अच्छे समय में बदल सकती है। New Moral Story in Hindi | बुरे समय में ऐसा करो

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Kahaniya In Hindi With Moral | बुरे समय से इस तरह लड़े

Kahaniya In Hindi With Moral | बुरे समय से इस तरह लड़े 





दोस्तों बुरा समय हर इंसान की जिंदगी में आता है। ऐसे समय में कुछ लोग कमजोर पड़ जाते है। कुछ लोग कठोर हो जाते है। साथ ही साथ कुछ ऐसे लोग भी होते है। जो बुरे समय में भी अवसरों को ढूँढ़कर बुरे समय से बाहर निकल आते है। इसी बात को अच्छे तरीके से समझाने के लिए मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ। Kahaniya in Hindi with Moral | बुरे समय से इस तरह लड़े


एक बार की बात है। एक अध्यापक कक्षा में आये। सभी बच्चे कुछ उदास लग रहे थे। अध्यापक ने सभी से कारण पूछा, बच्चे बोले – सर हमारा बुरा समय चल रहा है। हमारे ऊपर बहुत ही दबाव है। यह सुनकर वह अध्यापक हँसने लगा। उसने सभी बच्चो से कहा – तुम कुछ देर के लिए शांत रहना। मैं अभी आता हूँ।
कुछ ही देर बाद अध्यापक कक्षा में आया। उसके हाथ में एक थैला, एक तीन बर्नर वाला स्टोव और तीन बर्तन थे। अध्यापक ने सभी को अपने पास आने को कहा। इसके बाद उन्होंने स्टोव को चलाया और तीनो बर्तन रख दिए। सभी में बराबर – बराबर पानी डाला गया।

इसके बाद अध्यापक ने थैले में से एक आलू निकालकर पहले बर्तन में दाल दिया। दूसरे बर्तन में उन्होंने एक अंडा डाला और तीसरे बर्तन में उन्होंने कॉफ़ी डाल दी।
जब पानी पूरी तरह से उबलने लगा तो उस अध्यापक ने स्टोव बंद कर दिया। अध्यापक ने एक बच्चे को बुलाया और पहले बर्तन से आलू निकालने को कहा। आलू निकालने के बाद वह बोला – सर आलू पहले तो कठोर था लेकिन उबलने के बाद नर्म हो गया है।
अब उस अध्यापक ने दूसरे बर्तन से अंडा निकालने को कहा, वह बच्चा बोला – सर अंडा उबलने के बाद कठोर हो गया है। अब अध्यापक ने बच्चो से उस बर्तन को देखने को कहा, जिसमे कॉफ़ी डाली हुई थी। उस बर्तन में से बहुत ही अच्छी सुगंध आ रही थी।


इसके बाद अध्यापक ने बच्चो को समझाया। इन तीनो चीजों को एक ही तकलीफ से होकर गुजरना पड़ा। तीनो को एक ही समान पानी में, एक ही समान आँच पर उबाला गया। इसके बाद भी हर एक ने अलग – अलग तरिके से रियेक्ट किया।
आलू पहले से ठोस था लेकिन पानी में उबलने के कारण वह नरम हो गया यानी की कमजोर पड़ गया। अंडा पहले ऊपर से तो सख्त था लेकिन अंदर से नरम था। मुशीबत आने पर वह झेल गया लेकिन अंदर से बदल गया। काफी ने सामने आयी मुशीबत का डट कर सामना किया और उसे अपनी सुगंध में बदल दिया।
दोस्तों इस कहानी से मैं आपको यह समझाना चाहता हूँ की बुरे समय में कुछ लोग कमजोर पड़ जाते है। कुछ लोग उनका सामना तो कर लेते है लेकिन अंदर से कठोर बन जाते है। कुछ लोग ऐसे भी होते है जो अवसरों को पहचानकर सभी के साथ घुल मिल जाते है और अपनी सकारात्मक सोच की सुगंध चारों तरफ फैला देते है।
सफलता और असफलता आपकी सोच पर निर्भर करती है। साथ ही साथ आपको मिले अवसरों का आप किस तरह से इस्तेमाल करते है। Kahaniya in Hindi with Moral | बुरे समय से इस तरह लड़े


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Kahaniya In Hindi With Moral | बुरे समय से इस तरह लड़े



Kahaniya In Hindi With Moral | बुरे समय से इस तरह लड़े





दोस्तों बुरा समय हर इंसान की जिंदगी में आता है। ऐसे समय में कुछ लोग कमजोर पड़ जाते है। कुछ लोग कठोर हो जाते है। साथ ही साथ कुछ ऐसे लोग भी होते है। जो बुरे समय में भी अवसरों को ढूँढ़कर बुरे समय से बाहर निकल आते है। इसी बात को अच्छे तरीके से समझाने के लिए मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ। Kahaniya in Hindi with Moral | बुरे समय से इस तरह लड़े





एक बार की बात है। एक अध्यापक कक्षा में आये। सभी बच्चे कुछ उदास लग रहे थे। अध्यापक ने सभी से कारण पूछा, बच्चे बोले – सर हमारा बुरा समय चल रहा है। हमारे ऊपर बहुत ही दबाव है। यह सुनकर वह अध्यापक हँसने लगा। उसने सभी बच्चो से कहा – तुम कुछ देर के लिए शांत रहना। मैं अभी आता हूँ

कुछ ही देर बाद अध्यापक कक्षा में आया। उसके हाथ में एक थैला, एक तीन बर्नर वाला स्टोव और तीन बर्तन थे। अध्यापक ने सभी को अपने पास आने को कहा। इसके बाद उन्होंने स्टोव को चलाया और तीनो बर्तन रख दिए। सभी में बराबर – बराबर पानी डाला गया।



इसके बाद अध्यापक ने थैले में से एक आलू निकालकर पहले बर्तन में दाल दिया। दूसरे बर्तन में उन्होंने एक अंडा डाला और तीसरे बर्तन में उन्होंने कॉफ़ी डाल दी।
जब पानी पूरी तरह से उबलने लगा तो उस अध्यापक ने स्टोव बंद कर दिया। अध्यापक ने एक बच्चे को बुलाया और पहले बर्तन से आलू निकालने को कहा। आलू निकालने के बाद वह बोला – सर आलू पहले तो कठोर था लेकिन उबलने के बाद नर्म हो गया है।
अब उस अध्यापक ने दूसरे बर्तन से अंडा निकालने को कहा, वह बच्चा बोला – सर अंडा उबलने के बाद कठोर हो गया है। अब अध्यापक ने बच्चो से उस बर्तन को देखने को कहा, जिसमे कॉफ़ी डाली हुई थी। उस बर्तन में से बहुत ही अच्छी सुगंध आ रही थी।


इसके बाद अध्यापक ने बच्चो को समझाया। इन तीनो चीजों को एक ही तकलीफ से होकर गुजरना पड़ा। तीनो को एक ही समान पानी में, एक ही समान आँच पर उबाला गया। इसके बाद भी हर एक ने अलग – अलग तरिके से रियेक्ट किया।
आलू पहले से ठोस था लेकिन पानी में उबलने के कारण वह नरम हो गया यानी की कमजोर पड़ गया। अंडा पहले ऊपर से तो सख्त था लेकिन अंदर से नरम था। मुशीबत आने पर वह झेल गया लेकिन अंदर से बदल गया। काफी ने सामने आयी मुशीबत का डट कर सामना किया और उसे अपनी सुगंध में बदल दिया।


दोस्तों इस कहानी से मैं आपको यह समझाना चाहता हूँ की बुरे समय में कुछ लोग कमजोर पड़ जाते है। कुछ लोग उनका सामना तो कर लेते है लेकिन अंदर से कठोर बन जाते है। कुछ लोग ऐसे भी होते है जो अवसरों को पहचानकर सभी के साथ घुल मिल जाते है और अपनी सकारात्मक सोच की सुगंध चारों तरफ फैला देते है




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कभी तो सोच के देखो। Motivational Story In Hindi For Success


कभी तो सोच के देखो। Motivational Story In Hindi For Success



Hello दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आप सभी अच्छे होंगे। दोस्तों आपने एक कहावत तो सुनी ही होगी। दूर के ढ़ोल सुहावने। हम अक्सर सोचते है की हमारे दोस्तों या फिर हमारे पड़ोसी की जिंदगी हमसे अच्छी है। पर लेकिन क्या आपका ऐसा सोचना सही है। इसी बात को समझाने के लिए मैं आपको एक Motivational Story सुनाता हूँ। कभी तो सोच के देखो। Motivational Story in Hindi for you





एक व्यक्ति का घर शहर से दूर एक छोटे से गाँव में था। उसके घर में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं थी। लेकिन फिर भी वो खुश नहीं रहता था। उसे लगता था की शहर की जिंदगी अच्छी है। इसलिए एक दिन उसने गाँव के घर को बेचकर शहर में घर लेने का फैसला किया। अगले ही दिन उसने शहर से अपने दोस्तों को बुलाया। जो रियल स्टेट में काम करता था।





उसने अपने दोस्त से कहा – तुम मेरा ये गाँव का घर बिकवा दो, और मुझे शहर में एक अच्छा सा घर दिलवा दो। उसके दोस्त ने घर को देखा और कहा – तुम्हारा घर इतना सुन्दर है। तुम इसे क्यों बेचना चाहते हो। अगर तुम्हे पैसों की जरुरत है तो मैं तुम्हे कुछ पैसे से सकता हूँ। उस व्यक्ति ने कहा – नहीं नहीं मुझे पैसों की जरुरत नहीं है।




मैं इस घर को इसलिए बेचना चाहता हूँ। क्योकि ये घर गाँव से बहुत दूर है। यहां पर शहर की तरह पक्की सड़के भी नहीं है। यहाँ के रास्ते बहुत ही ऊबड़ खाबड़ है। यहाँ पर बहुत सारे पेड़ पौधे है। जब हवा चलती है तो पुरे घर में पत्ते फैल जाते है। ये गाँव पहाड़ो से घिरा हुआ है। अब तुम ही बताओ मैं शहर क्यों न जाऊ।






उसके दोस्त ने कहा – ठीक है। अगर तूने शहर जाने का सोच ही लिया है। तो में जल्दी ही तुम्हारे इस घर को बिकवा दूँगा। अगले ही दिन सुबह के समय वह व्यक्ति अखबार पढ़ रहा था। उसने अखबार में एक घर का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में लिखा था।
क्यों लोगों को जीवन का लक्ष्य नहीं मिलता। Powerful Motivational Story
शहर की भीड़ भाड़ से दूर, पहाड़ियों से घिरा हुआ, हरियाली से भरा हुआ, ताजी हवा युक्त एक सूंदर घर में बसाये अपने सपनो का घर। घर खरीदने के लिए निचे दिए गए नंबर पर संपर्क करे। उस व्यक्ति को विज्ञापन देखते ही घर पसंद आ गया। उसने उस घर को खरीदने का मन बनाया।
उसने जब उस नंबर पर फोन किया तो वो हैरान रह गया। क्योकि ये विज्ञापन उसी के घर का था। यह जानकार वह ख़ुशी से झूम उठा। उसने अपने दोस्त को फोन लगाया और कहा – मैं तो पहले से ही अपने पसंद के घर में रह रहा हूँ। इसलिए तुम मेरा घर किसी को मत बेचना। में यही रहुँगा।




दोस्तों इस Motivational Story से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ। की अधिकतर लोगों को अपने जीवन से शिकायत होती है। वे सोचते है की उनके जीवन में दुःख ही दुःख भरे पड़े है। ऐसे लोगों को दूसरे लोगों की जिंदगी बहुत ही अच्छी लगती है। लेकिन आप ऐसा कभी भी मत करना। कुछ भी करने से पहले एक बार अपनी जिंदगी को दोस्तो की नजरों से जरूर देखना। अगर आपने कभी भी अपनी जिंदगी को दूसरों की नजरों से देखा तो आप पाएंगे की आपकी जिंदगी दूसरों से बहुत ही अच्छी है। (कभी तो सोच के देखो। Motivational Story in Hindi for Success)


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Laalch ka Fal Ek Achhi Hindi Kahani - लालच का फल हमेसा बुरा होता है

लालच का फल हमेसा बुरा होता है




लालच का फल हिन्दी कहानी 

Laalch ka Fal Ek Achhi Hindi Kahani



किसी गाव में एक गरीब किसान रहता है जिसके साथ उसकी पत्नी भी रहती थी किसान तो बहुत इमानदार था लेकिन उसकी पत्नी बहुत ही Lalchi स्वाभाव की थी जिसके कारण वह अपने पति को हमेसा ताने मारती रहती थी की जाओ कुछ कमा के लाओ




बेचारा गरीब किसान रोज रोज अपनी पत्नी की तानो से सुनकर परेशान हो गया था वह दिन भर अपने खेतो में मेहनत करता था फिर भी उसकी पत्नी सोचती की हम एक झटके में कितना अमीर हो जाए की दुनिया की सारी खुशिया मिल जाए
लेकिन किसान बार बार अपनी पत्नी को समझाता था की जो हमें मेहनत करने के बाद हमे मिलेगा उसकी ख़ुशी और Achhi होती है लेकिन उसकी पत्नी कहा समझने वाली थी उसे तो बस अपने लालची स्वाभाव के कारण ये सब Baate उसे समझ में ही नही आती थी
बेचारा गरीब किसान रोज रोज अपनी पत्नी की तानो को सुनकर बहुत दुखी था और वह एक दिन जंगल में लकड़ी काटने चला गया और उस दिन धुप बहुत तेज थी तो किसान धुप और गर्मी की वजह से बहुत जल्दी थक गया और वह आराम करने के लिए एक पेड़ के नीचे बैठ गया और फिर वह अपने पत्नी के बारे में सोचने लगा
इतने में उधर से एक साधू जंगल से गुजर रहे थे तो उन्होंने किसान को देखा तो समझ गये की किसान जरुर परेशान है इसलिए उसके पास गये


साधू किसान के पास पहुचकर तुरंत किसान के बारे में पूछा तो किसान सबसे पहले साधू को प्रणाम किया फिर बोला की नही मै परेशान नही हु बस थक गया हु इसलिए चेहरे पर थोड़ी चिंता जैसी भावना दिख रही होगी
लेकिन साधू ने कहा नही तुम जरूर किसी वजह से परेशान हो इसलिए हमे बताओ शायद मै तुम्हारे किसी काम आ जाऊ तो पहले किसान ने मना किया की ऐसी कोई बात नही है लेकिन साधू के कहने बार बार कहने पर किसान अपने घर और पत्नी की स्थिति के बारे में सब बता दिया
तो साधू ने कहा बस इतनी सी बात है तुम गरीब हो इसलिए यह सब समस्या तुम्हारे साथ है इसलिए मै तुम्हे एक ऐसी थाली दे रहा हु जिसमे अगर रात को जो थाली से मागकर थाली  को ढककर सो जाओगे सुबह उसमे तुम्हारा मागा हुआ चीज जरुर मिलेगा लेकिन तुम्हे इस बात का ध्यान भी रखना होगा की एक रात में एक ही चीज मागना है और यदि एक ही रात में एक से ज्यादा चीजे इस थाली से मागोगे तो अगले दिन इस थाली द्वारा दी गयी सभी चीजे गायब हो जाएगी और और यह थाली भी गायब हो जाएगी और तुम फिर से गरीब हो जाओगे
तो साधू की बात सुनकर किसान बहुत खुश हुआ और मन ही मन सोचा चलो सब चीजे धीरे धीरे हम गरीब से अमीर हो जायेगे और हमारी पत्नी भी खुश रहेगी ऐसा Soch कर किसान ने उस साधू महाराज को धन्यवाद किया और और फिर हसी खुशी अपने घर लौट आया
और उस थाली के बारे में अपनी पत्नी को बताया तो पहले उसकी पत्नी को विश्वास नही हुआ लेकिन किसान के समझाने पर वह मान गयी और रात होने का इन्तजार करने लगी
और जब रात हो गयी तो किसान और उसकी पत्नी ने थाली से सोने के सिक्के मागकर उसे ढककर सो गये और जल्द ही दोनों सो गये



और जब अगले दिन सुबह उठे तो देखा की उस थाली में सोने के सिक्के भरे हुए है अब तो किसान और उसकी पत्नी की खुशी का ठिकाना न रहा क्यू की साधू महाराज की बात सच हो गयी थी
अब तो किसान की पत्नी को इतने सारे सोने के सिक्के देखकर उसके मन में और ज्यादा लालच उत्पन्न हो गयी और अब तो वह सुख के सपनो को मन ही मन सजाने लगी और फिर एक रात उसने महल फिर दासी , फिर नौकर चाकर सबकुछ एक एक करके मागने लगी तो हर अगले दिन उसे अपना मनचाहा चीज मिल जाती थी


अब तो किसान की पत्नी गरीब से अमीर हो चुकी थी और उसके ख़ुशी का ठिकाना ही नही रहता था लेकिन उसके मन की Lalach दिन प्रतिदिन और बढती ही जा रही थी लेकिन किसान उसे बहुत समझाता की हमे इतना सुख सम्पति बहुत है लेकिन वह कहा मानने वाली थी
इस बीच किसान एक दिन जरुरी काम से कही बाहर गया हुआ था और रात को घर वापस नही लौट पाया तो किसान की पत्नी ने उस रात थाली से एक साथ ढेर सारी चीजे मांग ली थी
फिर क्या था अगले दिन साधू महाराज के कथन के अनुसार वह थाली और थाली द्वारा दी गयी शुरू से लेकर अब तक की सभी चीजे गायब हो चुकी थी और किसान की पत्नी फिर से अपने टूटे हुए झोपडी में आ गयी थी
यह सब देखकर वह अब पछताने लगी इतने में किसान भी आ गया और यह सब देखकर उसे समझने में जरा सा भी देर न लगी और अपनी पत्नी को खूब बोला और कहा और करो लालच, लेकिन अब सिर्फ पछताने के सिवा कुछ भी न बचा था
क्यू की जैसा कहा भी गया लालच बुरी बला होती है इन्सान को जल्दी समझ नही आती है और तभी समझ में आती है जब सब कुछ खत्म हो चुका होता है और सिर्फ पछताने ही शेष था


इसलिए अब ”पछताने से भी क्या फायदा जब चिड़िया चुग गयी खेत”

यानी जब जब हमे अपनी Life में सजग रहना पड़ता है तो हम अक्सर यही कहते है चलो सब देख लेंगे और जब सबकुछ अपने हाथ से सबकुछ निकल चुका होता है तो हम सिर्फ पछताते रह जाते है
इसलिए दोस्तों हमे कभी भी लालच नही करना चाहिए क्यू की जब मन में लालच की भावना उत्पन्न हो जाती है तो हमे चाहे कितनी ही चीजे प्राप्त क्यू न हो जाए फिर भी हमे कम ही लगती है
और हमे लगता है उन चीजो को और जल्दी पा ले लेकिन हर चीजो का प्राप्त होना भी एक Time होता है जैसा की हम रोज देखते है की सूर्य अपने ही Time सूर्योदय होता है बरसात अपने ही Time पर होती है फिर हमे हर चीजो को पाने की न जाने की इतनी जल्दी क्यू हो जाती है की जो चीजे हमारे पास होती भी है तो हमे कम ही लगती है इसलिए हमे अपने मन में हमेशा संतोष की भावना रखनी चाहिए


जैसा की कहा भी गया है संतोषम परम सुखम यानी संतोष करना ही सबसे आनंदायक होता है
इसलिए दोस्तों हमे कभी भी अपने मन में लालच की भावना नही लानी चाहिए 

”लालच का फल हमेशा बुरा होता है” 

तो दोस्तों आप सबको ये लालच का फल पर कहानी कैसा लगा Please Comment Box में जरुर बताये



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