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Motivational Short Story

Motivational Short Story ऐसा करोगे तो बड़ा बनने से कोई भी नहीं रोक सकता


Motivational Short Story ऐसा करोगे तो बड़ा बनने से कोई भी नहीं रोक सकता






दोस्तों उम्र में हम जितने छोटे थे। हमारे सपने उतने ही बड़े थे। उस वक़्त हम पूरी दुनिया को बदलने की ताकत रखते थे। हमारा जिंदगी में कुछ बड़ा करने का एक सपना था। लेकिन हम जैसे – जैसे बड़े होते गये। हमे सब कुछ मुश्किल लगने लगा। धीरे धीरे करके हमारे सपने टूटने लगे। ऐसा क्यों हुआ। यही बात समझाने के लिए मैं आपको एक Motivational Short Story सुनाता हूँ। Motivational Short Story ऐसा करोगे तो बड़ा बनने से कोई भी नहीं रोक सकता




एक बार की बात है। कुछ बच्चे घर में खेल रहे थे। तभी उन्होंने देखा। उनके दादा जी उदास बैठे थे। वे सभी उनके पास गए और पूछा – आप इतने उदास क्यों हो।
दादा जी ने कहा – ऐसी कोई बात नहीं है। मैं तो बीएस अपनी जिंदगी के बारे में सोच रहा था। बच्चो ने बड़े ही उत्साह के साथ कहा – हमे भी अपनी जिंदगी के बारे में बताओ।


दादा जी ने कहा – ठीक है। ध्यान से सुनो। जब मैं तुम सब जितना छोटा था।
मेरे सपनो की कोई सीमा नहीं थी। क्योकि मेरे ऊपर कोई भी जिम्मेदारी नहीं थी। मैं उस वक़्त दुनिया बदलने की सोच रखता था।
जब मैं बड़ा हुआ। मेरे ऊपर जिम्मेदारियाँ बढ़ी। मुझे लगने लगा दुनिया बदलना बहुत ही मुश्किल काम है।



यह सोचकर मैंने अपने सपनो को छोटा कर लिया। मैं सोचने लगा। मैं दुनिया नहीं कम से कम अपना देश तो बदल ही सकता हूँ। कुछ समय बाद मेरे ऊपर ओर जिम्मेदारियाँ बढ़ी।

तब मुझे लगने लगा की देश बदलना भी बहुत ही मुश्किल काम है, इसलिए मैंने अपने सपने को ओर भी छोटा कर लिया।
मैं सोचने लगा देश नहीं कम से कम मैं अपना परिवार तो बदल ही सकता हूँ। लेकिन मैं ऐसा भी नहीं कर पाया।


अब मैं अपनी मृत्यु के बहुत ही निकट हूँ। आज मुझे ऐसा लग रहा है। काश मैंने अपने आप को बदलने की कोशिश की होती तो मैं इस दुनिया को बदल पाता।
साथ ही साथ अपने सपनो को भी पूरा कर पाता। मेरे बदलने से मेरा परिवार बदलता, फिर मेरे आस पास के लोग बदलते और एक दिन पूरी दुनिया बदल जाती।



दादा जी को आँखे नम थी और उनके शब्दों में एक दर्द था। उन्होंने बच्चो से कहा – जो गलती मैंने की। तुम सब उसे मत करना।
कुछ भी बदलने से पहले अपने आप को बदलना। अगर तुमने ऐसा किया तो बाकी सब अपने आप ही बदलता चला जायेगा।


दोस्तों इस Motivational Short Story से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ की दुनिया बदलने से पहले आपको अपने आपको बदलना होगा।
अगर आपने ऐसा किया तो आपको बड़ा बनने से कोई भी नहीं रोक सकता। खुद को बदलना कुछ मुश्किल हो सकता है लेकिन असंभव नहीं। Motivational Short Story ऐसा करोगे तो बड़ा बनने से कोई भी नहीं रोक सकता





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Real Short Motivation Story Competitions के चक्कर में खुद का Loss मत करो




Real Short Motivation Story Competitions के चक्कर  में खुद का Loss
 मत करो



यह कहानी मेरे एक स्टूडेंट नवल सिंह (Delhi)  की तरफ से आपके लिए 





दोस्तों उम्मीद करता हूँ आप सब अच्छे होंगे दोस्तों कभी आपने सोचा है किसी और को देख कर अगर आप वही काम करते है और यह भी उम्मीद करते है की उससे भी अच्छा करे तो कभी कभी इस चक्कर में आप आपना जरूरत से ज्यादा नुक्सान  करवा लेते है । इस कहानी से समझते है की दुसरो के साथ नहीं खुद के साथ कम्पटीशन करना चाहिए 


एक बार बात है एक दुकान वाला जो घी 500 रुपया KG बेचता था । ठीक उसी के सामने दूसरा दूकान वाले ने अपने दूकान पर एक बोर्ड लगाया - जिस में लिखा हुआ था  " शुद घी 400 रुपया KG.


यह देख कर पहले दुकान वाला ने सोचा इस तरीके से तो उस्सको पास कोई भी कस्टमर नहीं आयेगा तो उसने आपना रेट काम करके 350 रुपया कर दिया ..

सामने वाले ने भी 300 कर दिया यह देख पहले दूकान वाले ने फिर आपना रेट 200 रुपया कर दिया।  इस तरीके से रेट 50 रुपया से भी काम में आ गया। 

तब पहला दूकान वाला सामने दुकान वाले के पास जा कर पूछा "  तुम इतना सस्ता घी कहा से लाते हो की इतना कम रेट में भी बेच रहे हो "

सामने दूकान वाले ने कहा " में घी बेचता ही नहीं हूँ "

दोस्तों इस स्टोरी से - में आपको यह समझना चाहता हूँ की जैसे वह पहला दूकान वाला बिना सोचे समझे दुसरो को देख आपना रेट कम करता गया  ।  ठीक वैसे आप में बहुत लोग बस दुसरो से कम्पटीशन करने के चक्कर में आपना नुक्सान कर लेते है ।  


The Motivational Story and Inspirational Story shared by Naval Singh (Delhi) 


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Inspirational Short Stories For Students सफलता कैसे प्राप्त करे



Inspirational Short Stories For Students सफलता कैसे प्राप्त करे


दोस्तों हम सभी जानते है की इस दुनिया में असफल लोगो की संख्या सफल लोगो से ज्यादा है। ऐसा क्या कारण है की लोग ज्यादातर कामो में सफल नहीं हो पाते। इसी बात को अच्छे तरिके से समझाने के लिए मैं आपको एक Motivational Story सुनाता हूँ। Inspirational Short Stories for Students सफलता कैसे प्राप्त करे

एक गाँव में बूढी औरत के पास एक बगीचा था और वह उसकी देखभाल करती थी। उसके साथ उसका पौता भी रहता था। कुछ समय बाद वह बूढी औरत इतनी बीमार हो गयी की उसे चलने फिरने में परेशानी होने लगी। उसे अपने बगीचे में लगे पौधों की चिंता सताने लगी।


उसने अपने पौते को अपने पास बुलाया और कहा – क्या तुम मेरे स्वस्थ होने तक बगीचे में लगे पौधों का ख्याल रखोगे। पौते ने दादी से वादा करते हुए कहा – हाँ, मैं पेड़ पौधों का ख्याल रखूँगा।

कुछ समय बाद दादी स्वस्थ हो गयी। वह जब बगीचे में गयी तो उसने देखा की ज्यादातर पौधे सुखकर मर चुके थे। उसने अपने पौते को बुलाया और कहा – तुमने मुझसे वादा किया था की तुम मेरे पौधो का ख्याल रखोगे। लेकिन ये सब तो सुख गए है।


लडके ने मायूस होते हुए कहा – मैं रोज इनकी देखभाल करता था। मैं रोज एक कपड़े से इनकी पत्तियाँ पोछता था और फिर रोटी के टुकड़े इनके सामने रख देता था। इतनी देखभाल करने के बाद भी ये सुख गए।

दादी ने कहा – बेटा पेड़ – पौधे रोटी नहीं खाते। इनकी जड़े धरती से अपना खाना अपने आप ले लेती है। बस हमे तो इनकी जड़ो में पानी डालना होता है। यह सुनकर लड़के ने कुछ देर तह सोचा और फिर पूछा – दादी मनुष्य की जड़े कहा होती है।
उसके सर पर हाथ फेरते हुए दादी ने कहा – मनुष्य की जड़े उसके साहस, हिम्मत और धैर्य में होती है।


दोस्तों इस Motivational Story से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ की अगर आपके पास साहस, हिम्मत और धैर्य नहीं है तो आप किसी भी काम में सफल नहीं हो सकते। क्योकि ये मनुष्य की वे जड़े है। जिसके ऊपर सफलता का पौधा लगता है। जिस भी इंसान की जड़े जितनी कमजोर होती है। इस पर लगने वाला पौधा भी इतना ही कमजोर होता है। Inspirational Short Stories for Students सफलता कैसे प्राप्त करे









Success Story In Hindi For Student बड़ा बनना है तो यह गलती कभी मत करना

















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Motivation Hindi Story बड़ा बनना है तो पूछो क्यों, कब, कहाँ, कैसे



Motivation Hindi Story बड़ा बनना है तो पूछो क्यों, कब, कहाँ, कैसे




दोस्तों हम अपने पुरे दिन में ऐसे बहुत से काम करते है। जो या तो हमारे बड़ो के द्वारा हमे बताये जाते है या फिर हमने किसी को करते हुए देखा। एक मिनट के लिए रुकिए और अपने आप से पूछिए। क्या आपने कभी भी जानने की कोशिश की है की आप इन कामो को क्यों कर रहे है। जिस रास्ते पर आप चल रहे है। क्या आपने कभी सोचा की यह रास्ता कहाँ जाता है। ये ही बात समझाने के लिए मैं आपको एक Motivation Hindi Story सुनाता हूँ। Motivation Hindi Story बड़ा बनना है तो पूछो क्यों, कब, कहाँ, कैसे


एक बार कुछ बंदरों को एक कमरे में बंद किया गया। कमरे में एक सीढ़ी भी लगाई गयी। सीढ़ी के ऊपर कुछ फल रख दिए गये। अचानक एक बंदर की नजर उन पर पड़ी और वह उन्हें खाने के लिए सीढ़ी पर चढ़ने लगा। तभी उस पर बहुत सारा ठंडा पानी गिरा दिया गया। पानी गिरते ही वह बंदर भागकर एक कोने में चला गया

सजा के तौर पर बाकी बंदरो पर भी वह ठंडा पानी गिराया गया। थोड़ी देर बाद दुसरा बंदर सीढ़ी पर चढ़ने लगा। उसके ऊपर भी ठंडा पानी गिराया दिया गया और सजा के तौर पर बाकी बंदरो के ऊपर भी ठंडा पानी गिराया गया। यह प्रर्किया बार – बार चलती रही। अब बंदरो की समझ में आ गया की अगर कोई उस सीढ़ी पर चढ़ने की कोशिश करेगा तो सजा सबको मिलेगी


अब ऐसा होने लगा की जैसे ही कोई बंदर सीढ़ी पर चढ़ने की कोशिश करता। सजा के डर के कारण बाकी सभी मिलाकर उसकी पिटाई कर देते। कुछ समय बाद उस कमरे से एक बंदर को निकाल लिया गया और उसकी जगह एक नए बंदर को उस कमरे में डाला गया।

नए बंदर की नजर जैसे ही सीढ़ी पर रखे फलों पर पड़ी। वह तुरंत ही उन्हें खाने के लिए भागा। सीढ़ी के पास जाते ही बाकी सभी ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। नए बंदर की समझ में नहीं आया की उसकी पिटाई क्यों हुई। लेकिन जोरदार पिटाई से डरकर उसने फल खाने के विचार को दिमाग से निकाल दिया।

कुछ समय बाद फिर से उस कमरे में से एक बंदर को निकाला गया और उसकी जगह नए बंदर को डाला गया। उसकी भी नजर सीढ़ी पर रखे फलों पारा पड़ी। वह उन्हें खाने के लिए सीढ़ी पर चढ़ने लगा। तुरंत ही सभी ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। पिटाई करने वालो में पिछली बार आया नया बंदर भी शामिल था। जबकि उसे यह भी नहीं पता था की पिटाई क्यों हो रही है।


यह प्रक्रिया चलती रही और एक एक करके पुराने बंदरो की जगह नए बंदरो को उस कमरे में डाला गया। जैसे ही नया बंदर कमरे में आता। वह फल खाने के लिए दौड़ता और सभी बंदर मिलकर उसकी पिटाई कर देते।

अब उस कमरे में सारे के सारे नए बंदर थे। जिनके ऊपर एक बार भी ठंडा पानी नहीं डाला गया था। उनमे से किसी को भी नहीं पता था की फलों के पास जाने पर पिटाई क्यों होती है लेकिन सबकी एक एक बार पिटाई हो चुकी थी।

दोस्तों इस Motivation Hindi Story से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ की अब समय आ गया है। किसी भी काम को करने से पहले जान लो की आप उसे क्यों कर रहे है। क्या यह करना जरुरी है या फिर कोई दुसरा रास्ता भी है। आज के समय में नए कदम उठाने की हिम्मत कोई भी नहीं करता। अगर कोई करता भी है तो सभी लोग मिलकर उसे पकड़ लेते है। जबकि वे खुद ही नहीं जानते की उन्होंने ऐसा क्यों किया। बड़ा बनना है तो कुछ भी करने से पहले क्यों, कब, कहाँ, कैसे जैसे सवाल पूछो और नए कदम उठाओ। Motivation Hindi Story बड़ा बनना है तो पूछो क्यों, कब, कहाँ, कैसे

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Real Life Motivational Stories आप इस दुनिया में क्यों आये हो - ध्यान से सुने अगर सफल होना है तो


Real Life Motivational Stories आप इस दुनिया में क्यों आये हो





दोस्तों अगर हमारा जन्म हुआ है तो एक दिन हमारी मृत्यु भी होगी। लेकिन ज्यादातर लोगो को ये नहीं पता होता की उनका जन्म क्यों हुआ है। इसी बात को अच्छे तरिके से समझाने के लिए मैं आपको एक Motivational Story सुनाता हूँ। Real Life Motivational Stories आप इस दुनिया में क्यों आये हो

एक बार की बात है। एक इंसान की मृत्यु हो जाती है। कुछ समय बाद वह देखता है की आसमान से भगवान उसकी तरफ आ रहे है। भगवान ने उससे कहा – चलो बेटा तुम्हारा इस दुनिया से जाने का समय हो गया है।


उस आदमी ने कहा – इतनी जल्दी, मेरे ऊपर अभी बहुत जिम्मेदारियाँ है। मुझे अभी बहुत से काम करने है। भगवान ने कहा – मुझे अफसोस है लेकिन तुम मर चुके हो। तुम्हे अब इस दुनिया को छोड़कर मेरे साथ चलना होगा



तभी उस व्यक्ति ने देखा की भगवान ने अपने हाथ में एक बैग पकड़ा हुआ है। उसने पूछा – इस बैग में क्या है। भगवान ने कहा – इसमें तुम्हारा समान है। उस आदमी ने पूछा – मेरा सामान, आपका मतलब क्या इसमें मेरा धन, कपड़े और वस्तुएँ है।
भगवान ने कहा – ये चीजे तो तुम्हारी कभी थी ही नहीं। ये सभी तो तुम्हे पृथ्वी से ही प्राप्त हुई है। उस आदमी ने फिर से पूछा – क्या इसमें मेरी यादे है। भगवान् ने कहा – नहीं, तुम्हारी यादे तो समय के साथ चली गयी। उस आदमी ने फिर से पूछा – क्या इसमें मेरी योग्यताएँ है।



यह सुनकर भगवान बोले – नहीं, तुम्हे तुम्हारी योग्यताएँ तो उन मुश्किल परिस्थितियों से प्राप्त हुई। जो तुम्हारे रास्ते में पड़ी। उस आदमी ने फिर से पूछा – क्या इसमें मेरे दोस्त और परिवार है। भगवान ने कहा – नहीं, ये सभी तो उसी रास्ते पर रह गये। जिस पर तुमने अपनी यात्रा की थी



भगवान ने उस बैग को उस व्यक्ति को देते हुए कहा – तुम स्वंय ही खोलकर देख लो। इसमें क्या है। उस व्यक्ति ने डरते हुए उस बैग को खोला और देखा की बैग खाली थी। यह देखकर वह व्यक्ति रोने लगा। उसने भगवान से पूछा – क्या कभी मेरी अपनी कोई चीज थी भी या नहीं।
मुस्कुराते हुए भगवान ने कहा – तुम्हारे पास तुम्हारे पल, प्रत्येक क्ष्ण, लम्हे जो तुमने जिये सब कुछ तुम्हारा था। लेकिन इन सब के बजाय तुम्हारा झुकाव हमेशा ही उन चीजों की तरफ रहा। जो तुम्हारी कभी भी थी ही नहीं।



दोस्तों इस Motivational Story से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ की जिंदगी की इस रेस को छोड़कर एक मिनट के लिए रुको और सोचो। इस रेस में भाग लेकर तुम कुछ ऐसा पाने की कोशिश कर रहे हो। जो तुम्हारी ना तो कभी थी और ना ही कभी होगी। इसके बजाय उन चीजों पर ध्यान दो। जो तुम्हारे थे और हमेशा तुम्हारे ही रहेंगे। Real Life Motivational Stories आप इस दुनिया में क्यों आये हो

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Shorts Motivated Story- किसी की सहायता करने के लिए क्या पैसे वाला होना जरुरी है ?




Shorts Motivated Story- किसी की सहायता करने के लिए क्या पैसे वाला होना जरुरी है ? 






दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी ने पूछा - 'क्या इस धरती पर आपसे भी अमीर कोई है ? बिल गेट्स ने जवाब दिया - हां, एक व्यक्ति इस दुनिया में मुझसे भी अमीर है। कौन -!!!!! बिल गेट्स ने बताया: एक समय मे जब मेरी प्रसिद्धि और अमीरी के दिन नहीं थे, मैं न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर था..


वहां सुबह सुबह अखबार देख कर, मैंने एक अखबार खरीदना चाहा,पर मेरे पास खुदरा पैसे नहीं थे.. सो, मैंने अखबार लेने का विचार त्याग कर उसे वापस रख दिया.. अखबार बेचने वाले लड़के ने मुझे देखा, तो मैंने खुदरा पैसे/सिक्के न होने की बात कही.. लड़के ने अखबार देते हुए कहा - यह मैं आपको मुफ्त में देता हूँ.. बात आई-गई हो गई..


कोई तीन माह बाद संयोगवश उसी एयरपोर्ट पर मैं फिर उतरा और अखबार के लिए फिर मेरे पास सिक्के नहीं थे।उस लड़के ने मुझे फिर से अखबार दिया, तो मैंने मना कर दिया। मैं ये नहीं ले सकता.. उस लड़के ने कहा, आप इसे ले सकते हैं, मैं इसे अपने प्रॉफिट के हिस्से से दे रहा हूँ.. मुझे नुकसान नहीं होगा। मैंने अखबार ले लिया.....


19 साल बाद अपने प्रसिद्ध हो जाने के बाद एक दिन मुझे उस लड़के की याद आयी और मैंने उसे ढूंढना शुरू किया। कोई डेढ़ महीने खोजने के बाद आखिरकार वह मिल गया। मैंने पूछा - क्या तुम मुझे पहचानते हो ? लड़का - हां, आप मि. बिल गेट्स हैं. गेट्स - तुम्हे याद है, कभी तुमने मुझे फ्री में अखबार दिए थे ? लड़का - जी हां, बिल्कुल.. ऐसा दो बार हुआ था.. गेट्स- मैं तुम्हारे उस किये हुए की कीमत अदा करना चाहता हूँ.. तुम अपनी जिंदगी में जो कुछ चाहते हो, बताओ, मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूंगा.. लड़का


सर, लेकिन क्या आप को नहीं लगता कि, ऐसा कर के आप मेरे काम की कीमत अदा नहीं कर पाएंगे.. गेट्स - क्यूं ..!!! लड़का - मैंने जब आपकी मदद की थी, मैं एक गरीब लड़का था, जो अखबार बेचता था.. आप मेरी मदद तब कर रहे हैं, जब आप इस दुनिया के सबसे अमीर और सामर्थ्य वाले व्यक्ति हैं.. फिर, आप मेरी मदद की बराबरी कैसे करेंगे...!!!


बिल गेट्स की नजर में, वह व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति से भी अमीर था, क्योंकि---"किसी की मदद करने के लिए, उसने अमीर होने का इंतजार नहीं किया था ".... अमीरी पैसे से नहीं दिल से होती है दोस्तों किसी की मदद करने के लिए अमीर दिल का होना भी बहुत जरूरी है



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इस Diwali कुछ नया करो Diwali Story In Hindi



इस Diwali कुछ नया करो Diwali Story In Hindi






Hello दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आप सभी अच्छे होंगे। दोस्तों हमारे पास घर है दीये जलाने को, जमीन है रंगोली बनाने को, पैसे है मिठाई खाने को, family है खुशियाँ लुटाने को। इस Diwali कुछ नया करो Diwali Story in Hindi


बाजार सजने लगे है। मिठाइयाँ बिकने लगी है। क्योकि कुछ दिनों बाद दिवाली है। आज मेरे पिताजी ने मुझे ५००० रूपये दिए, दिवाली के सामान की खरीदारी को। मैं खुशी खुशी बाजार पहुँच गया। बाजार में सभी दुकाने सजी हुई थी। दुकानों के बाहर तरह तरह के पटाखे रखे हुए थे। साथ ही साथ स्वादिष्ट मिठाइयाँ भी रखी हुई थी। मैंने संतुष्टि के लिए अपनी जेब में हाथ डाला। उसमे ५००० रूपये थे।
मैंने पटाखे खरीदने का मन बनाया और एक पटाखों की दूकान के बाहर पहुँच गया। तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति मेरे पास आया और बोला बेटा मैंने और मेरे परिवार ने दो दिन से कुछ नहीं खाया। हमे बहुत भूख लगी है। हमारी कुछ मदत कर दो। मैंने उससे कहा – मेरे पास पैसे नहीं है। वह मुस्कुराया और बोला – बेटा मैंने तुम्हारी जेब में से अभी अभी ५००० रूपये चुराये है। मैं इस रुपयों को लेकर जा सकता था, और अपने परिवार का पेट भर सकता था। लेकिन मेरा मन नहीं माना।

यह सुनकर मुझे बहुत गुस्सा आया। मैंने उसे गालियाँ दी और उससे वे ५००० रूपये छीन लिये। मैंने उससे कहा – इन ५००० रुपयों से मैं पटाखे खरीदूँगा बेवकूफ, और उसे वहाँ से भगा दिया। मेरा दिमाग मुझसे कह रहा था की मैंने सही किया लेकिन मेरा दिल नहीं मान रहा था। मेरे कदम धीरे धीरे पटाखे की दूकान की ओर बढ़ रहे थे।
उस दुकानदार ने सब कुछ देख लिया था। उसने मुझे तरह तरह के पटाखे दिखाये। मैंने सब के सब खरीद लिये। मैंने दुकानदार से उनकी कीमत पूछी। उसने कहा – बाबूजी सभी पटाखों को मिलाकर ४९०० रूपये होते है। मैंने उसे रूपये देने के लिए अपनी जेब में हाथ बढ़ाया।


तभी मेरे दिल ने मुझसे कहा – ये तुम क्या कर रहे हो। ये पटाखे तुम्हे खुशी नहीं दे सकते। तुम्हे इस ४९०० रुपयों से उस गरीब की मदत करनी चाहिए थी। तभी मेरा दिमाग मुझसे बोला – नहीं नहीं ऐसा मत करना। अगर तुम पटाखे नहीं खरीदोगे तो तुम्हारे दोस्त सोचेंगे की तुम्हे पटाखे खरीदने के लिए रूपये ही नहीं मिले, और तुम्हारी सबके सामने insult हो जायेगी।

मैं ये सब सोच ही रहा था कि दुकानदार फिर से बोला – बाबूजी कुल मिलाकर ४९०० रूपये हुए। लेकिन मेरा इरादा बदल चुका था। मैंने एक मिठाई का डब्बा खरीदा और उस दिशा में दौड़ पड़ा। जिस ओर वह बूढ़ा व्यक्ति गया था। थोड़ी ही दुरी पर लोगो की भीड़ जमा थी। मैंने पास जाकर देखा तो वह बूढ़ा व्यक्ति जमीन पर पड़ा था। उसके परिवार के सभी लोग उसके चारो तरफ बैठे थे। उनके शरीर पर कपडे नहीं थे। जिसके कारण वे ठण्ड से ठिठुर रहे थे



वे लोगों की तरफ आस भरी नजरों से देख रहे थे। मैं उनके पास गया और उन्हें पास के ही hotel में खाना खिलाया। मैंने उन सभी के लिए कपडे भी खरीदे। मैं सीधा अपने घर पहुँचा। मेरे पिता ने मुझे अपने पास बुलाया और पूछा – मुझे भी दिखाओ की तुम दिवाली किस तरह मनाने वाले हो। मैंने उनसे कहा – मैं तो आज दिवाली मनाकर आया हूँ, और ऐसी दिवाली मैंने आज तक नहीं मनाई।
दोस्तों क्या आपको नहीं लगता की इस दिवाली हमे कुछ नया करना चाहिए। एक बार सोच कर देखो की हम पटाखे खरीदने में बहुत सारे रूपये waste करते है। ये रूपये किसी के काम आ सकते है। किसी की दिवाली को बेहतर बना सकते है। इस बार पटाखे खरीदने के बजाय। किसी के घर में दीया जलाओ। मिठाई खरीदने के बजाय किसी को खाना खिलाओ। अगर आपने इस दिवाली ऐसा किया तो मेरा यकीन मानो ये आपकी सबसे अच्छी दिवाली होगी

दोस्तों मैं चाहता हूँ की ये message दिवाली से पहले हर भारतीय के पास पहुँचे। अगर आप भी ऐसा ही सोचते है तो इस message को share जरूर कीजियेगा। मैं आखिर में ये ही कहूँगा – ये दिवाली उन लोगो के नाम जिन्हे हमारी जरुरत है। इस Diwali कुछ नया करो Diwali Story in Hindi

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